UTTARAKHAND

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चे का 12 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी

देहरादून

शहीद स्मारक कचहरी परिसर में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चे का 12 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी रहा। इस अवसर पर धरने में संबोधित करते हुए मोर्चे के अध्यक्ष विनोद असवाल ने कहा कि जब तक सरकार राज्य आंदोलनकारियों की मांगे पूरा नहीं करती तब तक संयुक्त मोर्चा का धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का आश्वासन देने के बावजूद अभी तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है जो चिंता का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया गया है कि 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को नए सिरे से कैबिनेट की बैठक बुलाकर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण कैबिनेट में पास किया जाए, राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन के तौर पर जो अनुदान दिया जा रहा है राज्य आंदोलनकारियों को अनुदान नहीं पेंशन पट्टे द्वारा ही पेंशन दी जाए, जल्द से जल्द पेंशन पट्टा लागू किया जाए और जमा किए गए आवेदन पत्रों का चिह्नीकरण जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा नहीं करती तो राज्य आंदोलनकारी सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जमा किए गए आवेदन पत्रों का चिह्नीकरण जल्द से जल्द लागू किया जाए, राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी कर्मचारी की भांति पेंशन पट्टा जल्द से जल्द लागू किया जाए, उत्तराखंड में 50 वर्ष से जो भी निवास कर रहे हैं उन्हीं को मूल निवासी माना जाए और उत्तराखंड में भू कानून जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किया जाये। इस अवसर पर धरने में प्रभात डंडरियाल, नवनीत गुसाईं सुरेश कुमार, विपुल नौटियाल, धर्मानंद भट्ट, राजेश्वरी रावत, मीरा गुसाईं, यशोदा रावत, सुनीता बहुगुणा, विनीता रावत आदि आंदोलनकारी शामिल रहे।