महंगाई, बेरोजगारी तथा अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार आंदोलन करेगी कांग्रेस
देहरादून,
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों के ऊपर लगी जीएसटी तथा अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार आन्दोलन करती रहेगी। चाहे केन्द्र सरकार कितना भी दबाव बना ले कांग्रेस जनहित के कार्यों से पीछे हटने वाली नहीं है। आज उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदेशाध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि बेतहाशा बढती महंगाई, बेरोजगारी तथा आवश्यक खाद्य पदार्थों पर लगाई गई जीएसटी और अव्यवहारिक अग्निपथ योजना के खिलाफ लगातार आन्दोलन करती रहेगी। इसी परिपेक्ष में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा राजभवन घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि आज सारा देश देख रहा है, 24, अकबर रोड के सामने, 10 जनपथ के सामने, 12 तुगलक लेन के सामने किस तरीके से दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने हमारे पार्टी मुख्यालय, राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास और राहुल गांधी के मकान को भी घेर लिया, इससे साबित होता है कि घबराहट के कदम सामने दिखाई दे रहे है। करन माहरा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह प्रतिशोध की राजनीति है, यह धमकी की राजनीति है। महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ हमने अपनी आवाज उठाई है संसद में और संसद के बाहर। हमारी पार्टी के दफ्तरों के सामने, हमारे नेताओं के घर के सामने, है बिल्कुल साफ है कि प्रधानमंत्री भय की राजनीति, प्रतिशोध की राजनीति, धमकी की राजनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक तरीका नहीं है। हम भागेंगे नहीं, हमें जनता की आवाज उठाने से चुप नहीं कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ, उनकी विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ हम जनता के हित में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में पिछले आठ साल में महंगाई, बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ी है, अब खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाकर जनता की कमर तोड़ी जा रही है। केन्द्र की मोदी सरकार बिना सोचे-समझे अग्निपथ योजना लाई गई है। हम दो, हमारे दो, कुछ चुने हुए पूंजीपतियों के लिए जो आर्थिक नीतियां बनाई जा रही हैं, उनके खिलाफ हमारी आवाज उठेगी। हम लोग देश की जनता के हितों की आवाज, देश की आवाज, महंगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों के ऊपर जीएसटी लगी है। उन्होंने कहा कि 1950 से लेकर 2002 तक उसने कभी अपने नागपुर मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया जबकि संघ से प्रतिबंध इसी शर्त पर हटाया गया था कि वह भारत के अधिकृत राष्ट्रध्वज एवं संविधान में आस्था प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने कहा कि 1950 के बाद से संघ ने कभी भी नागपुर स्थित अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने वहां पर सिर्फ भगवा ध्वज ही फहराया। फिर चाहे मौका स्वतंत्रता दिवस का रहा हो या फिर गणतंत्र दिवस का। आधी सदी से ज्यादा गुजर जाने के बाद उन्होंने 2002 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनने के बाद पहली बार नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर तिरंगा फहराना प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुछ इसी से मिलते जुलते विचार गुरूजी के उपनाम से जाने जाने वाले एमएस गोलवलकर के भी थे। वह संघ के दूसरे सरसंघचालक और भारत में अभी तक सक्रिय हिंदुत्व आंदोलन के प्रेरणास्रोत रहे हैं। गोलवलकर ने न सिर्फ भारतीय तिरंगे के विचार का खुलकर विरोध किया बल्कि उनका तो भारतीय संविधान में भी विश्वास नहीं था जिसका उल्लेख उन्होंने अपनी पुस्तक बंच ऑफ थाउट में भी किया है। इस अवसर पर एक अन्य मामले में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में स्वास्थ्य सुविधायें चौपट हो चुकी हैं। देश और दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में मातृ मृत्यु दर का ग्राफ नीचे की तरफ आया है लेकिन उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में मातृ मृत्यु दर के मामले बढ़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां, अस्पतालों की दूरी, अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं का न होना, विशेषज्ञ डॉक्टरों का न होना जैसी मुश्किलें हिमालयी राज्य की महिलाओं के सुरक्षित प्रसव में बाधा बन रही है। इस

