अमेरिकी राजदूत का स्वागत कर घिरी पख्तूनख्वा सरकार
पेशावर
अमेरिकी राजदूत का भव्य स्वागत करने को लेकर आलोचना का सामना कर रही खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने सफाई देकर कहा कि अमेरिकी राजनयिक का स्वागत इसकारण किया गया हैं, कि वह आधिकारिक दौरे पर प्रांत में आए थे। राज्य सरकार ने कहा कि इसका पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है, जिसने इमरान सरकार को गिराने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।
पिछले हफ्ते प्रांतीय मुख्यमंत्री महमूद खान द्वारा अमेरिकी दूत डोनाल्ड ब्लोम का स्वागत करने पर खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) सरकार की विपक्षी दलों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा आलोचना की गई थी। केपीके सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर सैफ ने कहा कि अमेरिकी राजदूत आधिकारिक दौरे पर आए थे, जिसका पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की राजनीति से कोई सरोकर नहीं है। उन्होंने माना कि उनकी पार्टी ने साल 2022 अप्रैल में साजिश के द्वारा पीटीआई सरकार को गिराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को दोषी ठहराया था।
लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजदूत ने किसी पार्टी कार्यालय का दौरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान में भारतीय राजदूत कल को प्रांत का दौरा करते हैं, तब प्रोटोकॉल के तहत उनका भी स्वागत होगा। केपीके के मुख्यमंत्री खान ने पिछले हफ्ते प्रांतीय महानगर की अपनी पहली यात्रा पर अमेरिकी राजदूत का स्वागत किया और प्रांत में विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं को चलाने में सहायता की पेशकश करने पर अमेरिकी सरकार को धन्यवाद दिया। अमेरिकी राजदूत ने केपीके के स्वास्थ्य मंत्री तमीउर सलीम झागरा को 36 नवीनतम चिकित्सकीय उपकरणों से सुसज्जित वाहन सौंपे।

