फर्जी दस्तावेज बनाकर ग्रामीण की भूमि बेची
हरिद्वार
टिहरी से विस्थापित किए गए ग्रामीण की भूमि को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच देने का प्रकरण सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली ज्वालापुर में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। ज्वालापुर पुलिस ने गहनता से मामले की जांच शुरू कर दी है। देहरादून के लेन नंबर छह प्रगति विहार निवासी शांतिप्रसाद ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनको पुर्नवास में पथरी रौ सुमननगर में भूमि आवंटित हुई थी। बताया कि लेखपाल आशीष ममगई ने उसे उसकी भूमि का नामांतरण संबंधी प्रार्थना पत्र मिलने के संबंध में जानकारी दी लेकिन उसने किसी को भी भूमि विक्रय न करने की बात कही।
सामने आया कि उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करते हुए उसके नाम से किसी व्यक्ति ने तनू चौहान पत्नी मोहित चौहान निवासी मकान नंबर 170 गांव सीतापुर को बेची है। बैनामे में विनीत कुमार पुत्र ओम प्रकाश निवासी मकान नंबर 922 / 23 नीलखुदाना एवं सोनू शर्मा सिकंदर शर्मा निवासी रेलवे फाटक मधुविहार कालोनी जमालपुर कलां गवाह है।
आरोप है कि इन्हीं तीनों ने उसके स्थान पर किसी व्यक्ति को पेश कर भूमि का बैनामा करने का षडयंत्र किया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

