एक्सपायर दवा देने का आरोप में कार्रवाई न होने पर सीएमओ से मिले कार्यकर्ता
हरिद्वार। एक्सपायर दवाई देने की शिकायत करने के दस दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग के उस कर्मचारी और आशा के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज(भावाधस) संगठन ने सीएमओ से नाराजगी जाहिर की है। संगठन ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन उन्हें स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा। सीएमओ डॉ. मनीष दत्त ने इस मामले में लक्सर एसीएमओ, गायनेकोलॉजिस्ट समेत तीन संयुक्त सदस्य को एक टीम में शामिल करते हुए कमेटी का गठन किया है। जो दो सप्ताह में रिपोर्ट देगी। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) के राष्ट्रीय संचालक हंसराज कटारिया ने कहा कि बीती छह जुलाई को दो आशा कार्यकत्री उनके घर पहुंची और टीकाकरण कराया। यहां पर उसे आयरन की दवाइयां दी गई। दवाई खाने के दूसरे दिन उसकी तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने गर्भवती महिला के बच्चे की धड़कन न होने की बात कही। आरोप है कि महिला को एक्सपायर दवा दी गई। जिसके चलते बच्चे की जान तक चली गई। उन्होंने कहा कि इसकी जवाबदेही स्वास्थ्य विभाग की है। कहा कि विभाग संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं करता तो संगठन महापंचायत कर एक बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। मौके पर राष्ट्रीय प्रदेश सचिव प्रिंस लोहट, विपिन घावरी, कुलवंत राय मचल, मोनू सौदई, संजीव सोदई, योगेश, रोहित, सन्नी, रोहित, सुभम, जगवीर, संदीप सोदाई, आकाश उपस्थित रहे।

